
कोटा। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU) परिसर में गुरुवार को ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत सघन पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर परिसर में पौधे लगाए गए तथा वन विभाग द्वारा ड्रोन की सहायता से सीड बॉल्स गिराने की अभिनव पहल का भी शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने कहा कि आज जिस हरियाली का आनंद हम विश्वविद्यालय परिसर में देख रहे हैं, वह वर्षों पहले लगाए गए पौधों का परिणाम है। यही वृक्ष आज नई पीढ़ी को स्वच्छ हवा, छाया और प्राकृतिक वातावरण प्रदान कर रहे हैं। यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि यदि समय पर पौधारोपण किया जाए और उनकी नियमित देखभाल की जाए तो भविष्य की पीढ़ियों को इसका अमूल्य लाभ मिलता है।
वन विभाग द्वारा ड्रोन तकनीक के माध्यम से सीड बॉल्स गिराने की शुरुआत कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। इस तकनीक की मदद से ऐसे क्षेत्रों में भी बीज पहुंचाए जा सकते हैं, जहां सामान्य रूप से पौधारोपण करना कठिन होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का यह समन्वय भविष्य में हरित क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों और युवाओं से विशेष अपील की गई कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी नियमित देखभाल भी करें। एक पौधा तभी सफल माना जाता है जब वह बड़ा होकर वृक्ष का रूप ले और समाज को स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करे। पौधों की सुरक्षा, समय-समय पर सिंचाई और संरक्षण की जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी उनका रोपण।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए कहा गया कि प्रकृति के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता हमारी परंपरा का हिस्सा रही है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान ने पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा की है। यह अभियान लोगों को अपनी मां के सम्मान में एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करता है।

वक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली (Lifestyle for Environment – LiFE) के संदेश को आज दुनिया भर में सराहा जा रहा है। यदि प्रत्येक नागरिक प्रकृति संरक्षण को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना ले, तो जलवायु परिवर्तन, बढ़ते प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव हो सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि कोटा-बूंदी क्षेत्र के गांवों, शहरों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और सार्वजनिक परिसरों को अधिक हराभरा और स्वच्छ बनाया जाएगा। अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएंगे तथा उनकी देखभाल सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वस्थ और स्वच्छ पर्यावरण मिल सके।
कोटा के राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत सघन पौधारोपण किया गया। वन विभाग ने ड्रोन से सीड बॉल्स गिराने की नई पहल शुरू की। जानिए पूरी खबर।