कोटा, 11 अप्रैल 2026।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज ने कोटा में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्र एवं राज्य सरकारों से गौमाता के संरक्षण और सम्मान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गौमाता को “राष्ट्र माता” घोषित करे, वहीं सभी राज्य सरकारें अपने-अपने राज्यों में गौमाता को “राज्य माता” का दर्जा प्रदान करें।

शंकराचार्य जी ने कहा कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी गौमाता को वह सम्मान नहीं मिला, जिसकी वह वास्तविक हकदार हैं। उन्होंने सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हर सनातनी परिवार में पहली रोटी गौमाता के लिए निकाली जाती है, जो हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक है। ऐसे में गौमाता को केवल पशु की श्रेणी में रखना उचित नहीं है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि गौमाता को पशुओं की सूची से हटाकर विशेष दर्जा दिया जाए, ताकि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कानून बनाए जा सकें। साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश में अन्य विषयों पर समान कानून बनाने की चर्चा हो रही है, तो गौ संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून क्यों नहीं बनाया जा रहा।
इस दौरान शंकराचार्य जी ने 3 मई से गोरखपुर से “गविष्ठी यात्रा” शुरू करने की घोषणा भी की। यह यात्रा 81 दिनों तक चलेगी, जिसमें वे उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभाओं में जाकर जनजागरण करेंगे और लोगों को गौ रक्षा के प्रति जागरूक करेंगे।
उन्होंने देशवासियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और गौमाता के सम्मान के लिए एकजुट होने की अपील की।










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